स्वास्थ्यमणिप्रवालशतकम् की रचना स्वस्थवृत्त पर आधारित एक संक्षिप्त संहिता के रूप में की गई है, जिसमें 100 श्लोकों के माध्यम से आहार, जीवनशैली, व्यसन, सामुदायिक स्वास्थ्य तथा योग से सम्बन्धित स्वास्थ्य-निर्देश सूत्रात्मक रूप में प्रस्तुत किए गए हैं। यह संस्कृत और मराठी भाषा के संयोग से निर्मित एक आयुर्वेदीय मणिप्रवाल पद्यरचना है, जिसमें सभी श्लोकों में वैय्याकरणीय एकरूपता का पालन किया गया है। स्मरण की सुविधा हेतु सभी श्लोक शार्दूलविक्रीडित छन्द में विरचित हैं। ग्रन्थ को चार विषयगत विभागों (विबोधों) में विभाजित किया गया है तथा इसमें शास्त्रीय आयुर्वेदीय सिद्धान्तों के साथ आधुनिक स्वास्थ्य दृष्टिकोण का समन्वय किया गया है। प्रत्येक श्लोक के साथ हिन्दी व्याख्या एवं अंग्रेज़ी अनुवाद भी दिए गए हैं।





Reviews
There are no reviews yet.